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Mohd Ansar Rizvi
ROZE KE AADAB
Posted August 29, 2010 by Mohd Ansar Rizvi
रोज़े के आदाब :-

इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) ने फर्माया कि रोज़ः रखने वाले को चाहिए कि वह अपने पूरे बदन कान, आँख, बाल, जिस्म का रोज़ः रखे। यानी रोज़ेदार को चाहिए कि वह हर तरह की बुरी चीज़ों से बचा रहे, क्योंकि रोज़ः सिर्फ खाने-पीने को छोड़ने का नाम नहीं है। बल्कि ज़बान को रोके, झूठ और बेहूदः (ख़राब) बातों से, आँख को बन्द करे, हराम पर निगाह डालने से, हसद और ग़ीबत न करे, झूठी या सच्ची क़सम न खाये, गाली न दे, किसी पर ज़ुल्म न करे, बुरी बात न कहे, लड़ाई-झगड़े से बचा रहे, अल्लाह से डरता रहे। रोज़ेदार के लिए मक्रूह है, शेअर पढ़ना, चाहे वह आइम्मा (अ.) की मदह में हो। अपने बदन से ख़ून निकलवाना, देर तक हम्माम में रहना, ख़ुशबू या फूल सूँगना, कपड़ा भिगा कर बदन पर डालना और आँख में सुर्मा लगाना।
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